
नई दिल्ली (मेट्रो रेल न्यूज): सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को केंद्रीय अधिकार प्राप्त समिति (सीईसी) से आगरा में मेट्रो रेल परियोजना स्थापित करने के प्रस्ताव पर विचार करने और इस मुद्दे पर एक रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा।
मुख्य न्यायाधीश एस. ए. बोबडे की अध्यक्षता वाली पीठ ने शीर्ष अदालत द्वारा गठित समिति को पर्यावरण पर परियोजना के प्रभाव पर विचार करने का भी निर्देश दिया।
लखनऊ मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड की ओर से पेश ऐश्वर्या भाटी ने आगरा शहर के भीतर मेट्रो सेवा की अनुमति मांगी है। हम, तदनुसार, पर्यावरण पर इसके प्रभाव पर विचार करने के लिए मामले को सी. ई. सी. के पास भेजते हैं। "इस तरह की परियोजना के लिए, सीईसी चार सप्ताह की अवधि के भीतर एक रिपोर्ट प्रस्तुत करेगा", "पीठ, जिसमें न्यायमूर्ति बी आर गवई और सूर्यकांत भी शामिल हैं, ने कहा।"
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने इससे पहले कानपुर और आगरा मेट्रो रेल परियोजनाओं को मंजूरी दी थी, जो उत्तर प्रदेश के दो शहरों में सार्वजनिक परिवहन संपर्क को बढ़ावा देने का एक कदम है।
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सरकार के अनुसार, आगरा रेल परियोजना में दो गलियारे होंगे, जो शहर के बीच से गुजरेंगे और ताजमहल, आगरा किला और सिकंदर जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों के साथ-साथ अंतरराज्यीय बस टर्मिनल, रेलवे स्टेशन, मेडिकल कॉलेज और अन्य को जोड़ेंगे।
आगरा मेट्रो परियोजना की अनुमानित लागत 8,379.62 करोड़ रुपये है और इसके पांच वर्षों में पूरा होने की उम्मीद है।




