
महाराष्ट्र (मेट्रो रेल समाचार): महाराष्ट्र के पिम्परी-चिंचवाड़ में यात्रियों के लिए अच्छी खबर है। पिम्परी-चिंचवाड़ नगर निगम (पी. सी. एम. सी.) ने महाराष्ट्र की पहली इलेक्ट्रिक रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (ई-आर. टी. एस.) पायलट परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डी. पी. आर.) के लिए ₹85 लाख रुपये की मंजूरी दी है।
यह निर्णय महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और पी. सी. एम. सी. प्रशासन के समक्ष प्रस्तुत किए जाने के बाद लिया गया।
पायलट कॉरिडोर
17 किलोमीटर लंबा पायलट कॉरिडोर गोदाम चौक से वाकड़ तक चलेगा। प्रमुख पड़ाव इस प्रकार हैंः
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- गोदाम चौक
- कुडालवाड़ी चौक
- स्वतः क्लस्टर
- कालेवाड़ी फाटा
- जगतप डेयरी चौक
- वाकड़
प्रस्तावित मार्ग से मोशी, चिखल, तलवड़े, किवाले, रावत, वाकड़ और पुणे-नासिक राजमार्ग, टेल्को रोड, पुराना मुंबई-पुणे राजमार्ग, औंध-रावत बीआरटी और मुंबई-बैंगलोर बाईपास जैसी प्रमुख सड़कों से संपर्क में सुधार होगा। इसका उद्देश्य यातायात की भीड़ को कम करते हुए तेज, हरित और अधिक विश्वसनीय सार्वजनिक परिवहन प्रदान करना है।
ई-आर. टी. एस. क्यों?
इलेक्ट्रिक रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (ई-आर. टी. एस.) 100 प्रतिशत विद्युत और पर्यावरण के अनुकूल प्रणाली है जो सड़कों पर मेट्रो जैसा यात्रा अनुभव प्रदान करती है। प्रत्येक वाहन 240 यात्रियों को ले जा सकता है और सार्वभौमिक पहुंच, वातानुकूलन, वाई-फाई और अन्य प्रीमियम सुविधाओं के लिए लो-फ्लोर बोर्डिंग की सुविधा देता है। यह कम परिचालन लागत और 20 साल से अधिक की सेवा जीवन के साथ शांत, सुरक्षित और आरामदायक यात्रा प्रदान करता है।
इस परियोजना से पिम्परी-चिंचवाड़ के बढ़ते क्षेत्रों के लिए एक आधुनिक, कुशल और यात्री अनुकूल सार्वजनिक परिवहन विकल्प उपलब्ध होने की उम्मीद है।
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